ईवीएम हैकिंग के दावे ने भारतीय राजनीति में फिर से घोला काला रंग 103

evm voting ईवीएम हैकिंग

ईवीएम की भारतीय दुनिया में दोबारा शोर शराबा शुरू हो गया है क्योंकि एक साइबर विशेषज्ञ ने लंदन की एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारतीय ईवीएम मशीनें हैक हो सकती हैं और 2014 के लोक सभा के चुनाव में ईवीएम हैक हुई थी

आजकल राजनीतिक बहस फिर से ईवीएम मशीनों पर आकर अटक गई है। सैय्यद शुजा नाम के एक अमरीका में रहने वाले साइबर विशेषज्ञ ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए हाल ही में लंदन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ दावा किया। उसने कहा कि भारतीय ईवीम हैक हो सकती है और 2014 के भारतीय लोकसभा में ईवीएम हैक हुई है।

उस साइबर विशेषज्ञ ने ये दावा भी किया कि भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे को 2014 में मरवाया गया था क्योंकि उन्हें ईवीएम हैकिंग के बारे में पता था।

बस उसका इतना कहना था ईवीएम हैकिंग के बारे में कि भारतीय मीडिया ने उसके दावे को बढ़िया कवरेज दी। उसका ये दावा आग की तरह राजनीतिक गलियारों में फैल गया।

बहस का सबसे बड़ा मुद्दा इस ईवीएम शोर में ये निकल के आया कि कांग्रेस राजनेता एवं वकील कपिल सिब्बल इस प्रेस कांफ्रेंस में क्या कर रहे थे। उनकी एक तस्वीर मीडिया में वायरल हो गयी जिसमें वो लंदन की प्रेस कांफ्रेंस में बैठे दिखाई दिये।

लन्दन की प्रेस कांफ्रेंस में कपिल सिब्बल

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षड्यंत्र और आक्षेप

जब कपिल सिब्बल वाली बात सामने आई तो भाजपा के केंद्र मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि ये प्रेस कांफ्रेंस कांग्रेस द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम था। उन्होंने कहा कि ये एक षड्यंत्र है और भारतीय लोकतंत्र और चुनाव आयोग पर गंभीर आक्षेप है।

कपिल सिब्बल ने इस पर पलटवार किया अपनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का न्योता सब को भेजा गया था और भाजपा और भारतीय चुनाव आयोग को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने अपनी बात रखी के ये चुनावों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रखने वाली बात है और भले ही ये बात विज्ञान की एक कल्पना लगती हो, लेकिन इसका सत्यापन होना चाहिए।

चुनाव आयोग और अफ़वाह

इस बात को लेकर चुनाव आयोग ने दिल्ली पुलिस को चिट्ठी लिखी है कि वो इस साइबर विशेषज्ञ के ख़िलाफ़ कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाई करे क्योंकि वो अफ़वाह फैलाकर जनता को भड़का रहा है। चुनाव आयोग ने हमेशा ये दलील रखी है कि उसके ईवीएम हैक नहीं हो सकते और फ़ुलप्रूफ़ हैं।

दूसरी पार्टियों ने क्या कहा ईवीएम हैकिंग पर

काँग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि आरोप गंभीर है और न मैं इसकी ज़मानत ले सकता हूँ और न ही इसको खारिज कर सकता हूँ। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने विपक्षी दलों से एक होकर ईवीएम से होने वाले चुनाव को बहिष्कार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईवीएम को बैन किया जाए और बैलट पेपर से चुनाव कराए जाएं।

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मांग की है कि चुनाव आयोग को इस ईवीएम हैकिंग की बात को संज्ञान में लेना चाहिए और 2019 के आम चुनाव को बैलट पेपर से करवाना चाहिए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ईवीएम हैकिंग पर कहा कि अगर किसी ने एक सवाल उठाया है तो सोचा जाना चाहिए कि जापान जैसे विकसित देश में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होता है और ये एक राजनीतिक पार्टी का सवाल नहीं है, बल्कि लोकतंत्र पर भरोसे का सवाल है। आंध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि ईवीएम लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है।

वीवीपैट इस्तेमाल का नया फार्मूला

4 फरवरी, 2019 की देर शाम कांग्रेस समेत 23 विपक्षी पार्टियों के प्रतिनिधियों ने मुख्य चुनाव आयोग के साथ दिल्ली में मुलाक़ात की। उन्होंने ईवीएम, चुनाव सुरक्षा और वीवीपैट के अधिक से अधिक इस्तेमाल को लेकर चर्चा की। पार्टियों की मांग थी कि चुनाव में 50 फीसदी वीवीपैट का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए।

उन सभी 23 पार्टी प्रतिनिधियों का ये भी कहना था कि जहाँ चुनावी हार-जीत का अंतर 5 फीसदी या उससे कम है, तो अनिवार्य रूप से वीवीपीएटी की पेपर ट्रेल को जाँचा जाए।

आम जनता और ईवीएम

भारत में आम चुनाव 2019 के लिए अब सिर्फ़ दो महीनें ही बचे हैं। ईवीएम हैकिंग के इस नए दावे से और पहले भी कई बार ईवीएम से छेड़छाड़ की मीडिया खबरों से जनता के मन में भी सवाल पैदा हो रहे हैं।

क्या वास्तव में ईवीएम में कुछ समस्या है, या बैलट पेपर से मतदान ही बेहतर विकल्प है — ऐसे कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चुनाव आयोग को महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे और जनता के मन को शांत करना होगा। इससे भारतीय राजनीति की धूमिल होती छवि में निखार ही आएगा।


आप बताइए — क्या आपको लगता है कि ईवीएम का इस्तेमाल भारतीय चुनावों में बंद कर देना चाहिए?


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