मोस्ट फ़ेवर्ड नेशन का दर्जा छीनकर भारत ने पाकिस्तान को दिए ये तीन झटके 260

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पुलवामा हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान पर कूटनीतिक वार करके मोस्ट फ़ेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा वापस ले लिया है जिससे पाकिस्तान की गिरती हुई अर्थव्यवस्था को ठेस पहुंचेगा और व्यापर को झटका लगेगा 

भारत सरकार ने 14 February के पुलवामा हमले में पाकिस्तान का हाथ मानते हुए 1996 में पाकिस्तान को दिया गया MFN का दर्जा वापस ले लिया है।  

पुलवामा हमले में 40 CRPF के जवान शहीद हो गए और कई गंभीर रूप से घायल हुए।  देश में शोक और गुस्सा फैला हुआ है।  आवाज़ें उठ रही हैं कि भारत सरकार को अब पाकिस्तान समर्थित जैश-ए -मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के ख़िलाफ़ फिर से एक सुपर सर्जिकल स्ट्राइक तुरंत करना चाहिए। इससे आतंकियों में डर पैदा होगा और पाकिस्तान को भी एक मूँह-तोड़ जवाब मिलेगा।

जब तक सरकार अपनी कोई सैन्य रणनीति बनाती है तब तक MFN दर्जा हटाकर भारत ने पाकिस्तान को एक सख़्त सन्देश दिया है। 

आइये जाने कि MFN दर्जा हटने से पाकिस्तान को किस तरह का झटका लगा है।  

1 . कस्टम ड्यूटी बढ़ेगी 

2 .  भारत से निर्यात कम होगा 

3 . आयात – निर्यात शुल्क लगेगा 


1 . कस्टम ड्यूटी बढ़ेगी 

MFN दर्जा हटने से अब पाकिस्तान से भारत आने वाले सामान पर भारत कस्टम ड्यूटी किसी भी स्तर तक बढ़ा सकता है। इससे पाकिस्तान के व्यापारियों को झटका लगेगा।  भारत से पाकिस्तान कुछ चीज़ें आयत करता है जैसे सीमेंट , लेदर , केमिकल्स , फल और मसाले। भारत पाकिस्तान के बीच 2 अरब डॉलर का व्यापार है, जिस पर निश्चित तौर पर फ़र्क़ पड़ेगा।

2 . भारत से निर्यात कम होगा 

भारत पाकिस्तान को कई चीज़ें व्यापार के रूप में देता है। अटारी – वागाह रुट के सहारे करीब 138 चीज़ें भारत से पाकिस्तान जाती हैं। भारत से पाकिस्तान निर्यात होने वाली चीज़ें हैं — कॉटन , डाई , केमिकल्स , सब्ज़ियाँ , लोहा और इस्पात मुख्य हैं।  इन चीज़ों का निर्यात अब कम हो सकता है जिससे पाकिस्तान के व्यापार में मंदी आएगी। 

3 . आयात – निर्यात शुल्क लगेगा 

MFN दर्जा हटने से भारत के साथ व्यापार में अब पाकिस्तान को घाटा ही मिलेगा। दोनों देशों के बीच होने वाले वस्तुओं के आयात – निर्यात में अब शुल्क लगेगा। पहले दोनों देशों के बीच व्यापार बिना किसी ऐसे शुल्क के या विशेष छूट के सहारे होता था।

 वैसे तो विश्व व्यापार संगठन (WTO) समझौते के अधीन MFN दर्जा हटना पाकिस्तान को भारत की तरफ़ से एक प्रतीकात्मक इशारा ही माना जा सकता है। वो इसलिए क्योंकि पाकिस्तान का व्यापार भारत के पूरे व्यापार का केवल एक प्रतिशत ही है।

 लेकिन इस कदम से भारत ने WTO के 140 सदस्य देशों तक ये बात पहुंचा दी है की पाकिस्तान से व्यापारिक सम्बन्ध अब मित्रता एवं बराबरी के हिसाब से नहीं होगा।


आप बताइये – भारत सरकार का पाकिस्तान से MFN दर्जा छीनने का ये कदम आपको कैसा लगा 

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